होशंगाबाद

हिरण्यगर्भा मात्र मुस्कान अभियान अंतर्गत पर्यवेक्षको का ऑनलाईन एप प्रशिक्षण सम्पन्न –

होशंगाबाद, नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव के मार्ग दर्शन में चलाए जा रहें हिरण्यगर्भा मात्र मुस्कान अभियान अंतर्गत गुरूवार को आंगनबाडी कार्यकर्ता प्रशिक्षण केन्द्र पवारखेडा में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ व सुरक्षित प्रसव की निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु निर्मित मोबाईल एप के संबंध में समस्त पर्यवेक्षको, परियोजना अधिकारियों तथा विकासखण्ड स्तरीय महिला सशक्तिकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
संभागीय संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास श्री शिव कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण में बताया कि हिरण्यगर्भा मात्र मुस्कान अभियान अंतर्गत निर्मित मोबाइल एप के माध्यम से एएनएम गर्भवती महिलाओं का डाटा ऑनलाईन फीड करेंगी। हिरण्यगर्भा साफ्टवेयर उस डाटा की जांच करके पता करेगा कि गर्भवती महिला को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता है अथवा नहीं अगर हां है तो साफ्टवेयर उस महिला को हाई रिस्क में अंकित कर देगा और फिर संबंधित सेक्टर मेडीकल ऑफीसर तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम उस गर्भवती महिला के घर जाकर स्वास्थ परीक्षण तथा आवश्यक पौषण परामर्श उपलब्ध कराएगे तथा गर्भवती महिला के परिवार की काउंसलिंग भी करेंगे। प्रशिक्षण में गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण संबंधी जानकारी दी गई है साथ ही जिले में अभियान के दौरान सफलता की कहानी के संबंध में भी सभी पर्यवेक्षकों को जानकारी दी गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री संजय त्रिपाठी ने प्रशिक्षण में उपस्थित होकर बताया कि परियोजना अधिकारियों एवं विकासखण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारियों को चिकित्सक के साथ नियमित रूप से हाईरिस्क गर्भवती महिला के परिवार के सदस्यों के मध्य संयुक्त गृह भेट करने के निर्देश दिए गए है साथ ही यह निर्देश भी दिए गए है कि जिन हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित एवं स्वस्थ प्रसव हो चुका है उनका फालोअप भी किया जाए तथा सफलता की कहानी सांझा की जाए।
प्रशिक्षण में बाबई के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डां आर एस मीणा ने बताया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं एवं उनके निदान के संबंध में जानकारी दी गई है। ऑनलाईन एप में पर्यवेक्षकों की विस्तृत भूमिका पर उन्होने प्रकाश डाला। स्त्री रोग विशेषज्ञ डां ममता पाठक ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के पैरा मीटर्स तथा गर्भावस्था में होने वाली कठिनाईयों के बारे में जानकारी सांझा की। उन्होने ऑनलाइन एप में विभिन्न पैरामीटर्स की जानकारी दर्ज करने के बारे में भी बताया तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के साथ साथ परिवार सदस्यों को पोषण व स्वास्थ परामर्श प्रदान करने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रशिक्षार्थियों का ऑनलाइन एप संचालन व प्रविष्टि के संबंध में प्रस्तुति दी गई। प्रशिक्षण में समस्त परियोजना अधिकारी एवं विकासखण्ड महिला सशक्तिकरण अधिकारी उपस्थित रहें।

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